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Legal Update:

बार एसोसिएशन की सदस्यता स्वैच्छिक है, वकील को प्रैक्टिस करने से नहीं रोका जा सकता: तेलंगाना हाईकोर्ट ने BCI के नियम को सीमित किया तेलंगाना हाईकोर्ट ने ‘बार काउंसिल ऑफ इंडिया सर्टिफिकेट एंड प्लेस ऑफ प्रैक्टिस (वेरिफिकेशन) रूल्स, 2015’ के नियम 6 को सीमित करते हुए कहा कि वकीलों के लिए बार एसोसिएशन की सदस्यता […]

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B.G. Anantharamu v/s State Of Karnataka.. Crl. RP No. 893/2017…

भारतीय दण्ड संहिता, 1860—धारा 498A, 406 सहपठित धारा 34—दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961—धारा 3 व 4—दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973—धारा 482—भारतीय संविधान—अनुच्छेद 226—दोष-सिद्धि के विरुद्ध अपील—विवाह के समय दिए गए सामान, गहने, घरेलू वस्तुएँ आदि, यदि दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अनुसार उनकी कोई विधिक सूची (dowry list) तैयार नहीं की गई हो, तो उन्हें सामान्य वैवाहिक उपहार

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Dr. Garima v/s Dr. Saurabh: First Appeal No. – 594/2025…

हिंदू विवाह अधिनियम, 1955—धारा 24 व 26—पत्नी और बच्चों के लिए मुकदमे के दौरान वादकालीन भरण-पोषण (maintenance pendente lite) हेतु प्रार्थना-पत्र—प्रार्थना पत्र आंशिक रूप से खारिज—पत्नी एक पोस्ट-ग्रेजुएट स्त्रीरोग विशेषज्ञ (Gynecologist) है, जो अच्छी-खासी आय अर्जित करने में सक्षम है—पत्नी जानबूझकर काम नहीं करना चाहती ताकि पति पर आर्थिक बोझ डाला जा सके—निर्णीत ऐसे मामलों

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N.K. Prasannan v/s State Of Kerala: Crl. Rev. Pet. No.- 555/2025…

घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005—धारा 12, 19 और 23—अंतरिम आदेश (इंजंक्शन) जिसमें संपत्ति को बेचने या उस पर कोई भार (encumbrance) बनाने से रोक लगाया गया है—प्रश्न कि क्या धारा 12 के तहत मामला सुन रहे मजिस्ट्रेट को अपने ही दिए गए आदेश की समीक्षा (review) करने का अधिकार है, ताकि गलती

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Akshit Pandey(Minor) v/State Of U.P. Hebeas Corpus W.P. No. – 365/2025…

भारतीय संविधान, 1949—अनुच्छेद 226—नाबालिग बच्चे की अभिरक्षा का मामला—माँ की मृत्यु के बाद 13 महीने के बच्चे की कस्टडी उसके पिता द्वारा माँगी गई, जो कि उसका प्राकृतिक अभिभावक है—इस समय बच्चा अपने मौसा-मौसी के साथ रह रहा है—निर्णीत, ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो कि पिता बच्चे की देखभाल के लिए

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Smt. Sunita Gupta v/s Smt. Prem Gupta. First Appeal No.- 227/2026

हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 14 के अनुसार, यदि किसी हिन्दू महिला के नाम कोई संपत्ति खरीदी जाती है तो वह उस संपत्ति की पूर्ण (Absolute) स्वामिनी मानी जाएगी। वर्तमान मामले में बेटे और बेटी द्वारा मात्र यह कह देना कि उनकी माँ के नाम जो संपत्ति है, वह हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के

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Legal Update: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक फैसले में यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी व्यक्ति का किसी संपत्ति पर वास्तविक कब्जा (actual possession) है, तो उसे BNSS की धारा 164/165 के तहत बेदखल नहीं किया जा सकता।…

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक फैसले में यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी व्यक्ति का किसी संपत्ति पर वास्तविक कब्जा (actual possession) है, तो उसे BNSS की धारा 164/165 के तहत बेदखल नहीं किया जा सकता। केस का शीर्षक (Case Title):इन्दु टंडन बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य (Indu Tandon v. State Of U.P.

Legal Update: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक फैसले में यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी व्यक्ति का किसी संपत्ति पर वास्तविक कब्जा (actual possession) है, तो उसे BNSS की धारा 164/165 के तहत बेदखल नहीं किया जा सकता।… Read More »

Legal Update: याचिका लंबित रहने के दौरान बालिग होने पर भी बेटी भरण-पोषण और शैक्षणिक खर्च की हकदार: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट…

याचिका लंबित रहने के दौरान बालिग होने पर भी बेटी भरण-पोषण और शैक्षणिक खर्च की हकदार: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ⚪ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि यदि भरण-पोषण की याचिका लंबित रहने के दौरान बेटी बालिग हो जाती है, तो केवल इस आधार पर उसे सहायता

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Legal Update:

Judging with Sensitivity, Deciding with Precision: Appreciation of Evidence in POCSO Trials The success of a POCSO trial often depends not merely on what evidence is produced, but on how that evidence is appreciated. In cases of child sexual abuse, the courtroom must remain a place of legal discipline, yet the judicial process must also

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