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KAMARUDDIN DASTAGIR SANADI v/s STATE OF KARNATAKA THROUGH SHO KAKATI POLICE…

KAMARUDDIN DASTAGIR SANADI vs STATE OF KARNATAKA THROUGH SHO KAKATI POLICE Supreme Court(2024)ACR Ref: 44579, Allowed CRIMINAL APPEAL NO. 551 OF 2012, DD : 29-11-2024 PANKAJ MITHAL, J., UJJAL BHUYAN J Penal Code, 1860 — Sections 306 and 417 — Abetment to Suicide — Mens Rea Requirement — The Court reiterates that for a conviction […]

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Wadia Bheeamraidu v/s State of Telangana…

साक्ष्य अधिनियम की धारा 27 के तहत किए भी संगृहीत सामग्री/साक्ष्य साबित करना जाँच अधिकारी (Investigating Officer) की जिम्मेदारी है और यह सिद्ध करना आवश्यक है कि वह स्वैच्छिक था तथा किसी भी प्रकार के भय, दबाव या जोर-जबरदस्ती के प्रभाव में नहीं दिया गया था। जाँच अधिकारी को यह भी सिद्ध करना होगा कि

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Latest News..बीसीआई ने दिल्ली बार काउंसिल के उपाध्यक्ष को फर्जी डिग्री के आरोप में निलंबित किया, जांच के लिए मामला सीबीआई को सौंपा…

बीसीआई ने दिल्ली बार काउंसिल के उपाध्यक्ष को फर्जी डिग्री के आरोप में निलंबित किया, जांच के लिए मामला सीबीआई को सौंपा_________ एक सख्त कदम उठाते हुए, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने दिल्ली बार काउंसिल (BCD) के उपाध्यक्ष संजीव नसियार के खिलाफ कार्रवाई की है। नसियार पर कथित रूप से फर्जी एलएल.बी. (ऑनर्स) डिग्री

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Ram Prakash v/s State Of Madhya Pradesh..वैवाहिक क्रूरता और दहेज की माँग के अस्पष्ट आरोप और कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग…

वैवाहिक क्रूरता और दहेज की माँग के अस्पष्ट आरोप और कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग—पत्नी द्वारा मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न, दहेज की माँग और आपराधिक धमकी के आरोप अस्पष्ट थे, जिनमें समय, तारीख या स्थान का कोई विशेष विवरण नहीं था—ऐसे बेबुनियाद और अस्पष्ट आरोपों के आधार पर मुकदमा चलाना न्यायसंगत नहीं है—ठोस विवरणों की अनुपस्थिति

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सनी कुमार बनाम बिहार राज्य और अन्य..अनुकंपा नियुक्ति के लिए 5 वर्ष की समय-सीमा उस तिथि से शुरू होती है, जब कार्रवाई का कारण उत्पन्न होता है’: पटना हाईकोर्ट…

अनुकंपा नियुक्ति के लिए 5 वर्ष की समय-सीमा उस तिथि से शुरू होती है, जब कार्रवाई का कारण उत्पन्न होता है’: पटना हाईकोर्ट पटना हाईकोर्ट की जस्टिस पी.बी. बजंथरी और जस्टिस एस.बी. पीडी. सिंह की खंडपीठ ने उस निर्णय को चुनौती देने वाली अपील स्वीकार की, जिसमें कांस्टेबल के पद पर अनुकंपा नियुक्ति के लिए

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RAMAKANT AMBALAL CHOKSI VS HARISH AMBALAL CHOKSI & OTHERS…

The Supreme Court recently cautioned the Appellate Courts against casually interfering with well-reasoned interlocutory orders passed by the trial courts, stating that the Appellate Court’s discretion in vacating the interlocutory order should only be exercised if it is shown that the interlocutory order was arbitrary, capricious, perverse, or contrary to established legal principles. “The appellate

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Vasumathi v/s R. Vasudevan.. S.A. No. – 527/2022…

हिन्दू विधि—विभाजन-विधि—आंशिक/एकल बँटवारा—हिंदू विधि के अन्तर्गत सँयुक्त परिवार की सम्पत्ति का विभाजन तब प्रभावी होता है जब एक अंशकर्ता/सहभागी/कोपार्सेनर यह माँग करता है कि वह संयुक्त-परिवार से अलग होना चाहता है और सँयुक्त परिवार की संपत्ति का बँटवारा चाहता है—यह महत्वपूर्ण तथ्य है कि संपत्ति में इस प्रकार हुआ बँटवारा या तो सभी सहभागियों के

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Civil Remedies…

Civil Remedies File a suit for a permanent injunction in the civil court to restrain the neighbor from encroaching or interfering with the property. If the encroachment is ongoing, seek a temporary injunction under Order 39 Rule 1 and 2 of the Code of Civil Procedure, 1908, to stop the encroachment until the case is

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