Anshu Gupta v/s Adwait Anand. 9 August 2023. Crl. Rev. No. 133/2013

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973—धारा 125—भारतीय दण्ड विधान, 1860—धारा 8 एवं 11—नाबालिग़ पुत्र के लिए भरण-पोषण—माता का उत्तरदायित्व—विचारण न्यायालय द्वारा माता को नाबालिग़ पुत्र के लिए 2,000/- रु० प्रतिमाह भरण-पोषण अदा करने के आदेश—धारा 125, दं०प्र०सं०, में उपबंधित “कोई व्यक्ति” का भावार्थ—निर्णीत, दं०प्र०सं० की धारा 125(1) के प्रावधानों में प्रयुक्त शब्द “व्यक्ति” में माता और पिता दोनों सम्मिलित हैं—वर्तमान में महिलाओं की शैक्षिक और आर्थिक स्थिति में भारी बदलाव आया है—21वीं सदी में अधिकांश महिलाएं अब अच्छी तरह से शिक्षित हैं और नौकरीपेशा हैं—प्रस्तुत मामले में, माता स्वयं एक सरकारी शिक्षिका हैं जिसे वेतन के रूप में न्यूनतम एक लाख रु० प्राप्त हो रहे हैं—विचारण न्यायालय के आदेश में कोई त्रुटि दाण्डिक निगरानी निरस्त।

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