वसीयत के आधार पर राजस्व-अभिलेखों में दाख़िल-ख़ारिज की प्रक्रिया नहीं अपनाई जा सकती है—वसीयत के हितबद्ध व्यक्ति (Propounder of Will) को यदि वसीयत का लाभ अभिप्राप्त करना है तो सिविल न्यायालय ही एकमात्र विकल्प है—वसीयतशुदा संपत्ति के आधार पर मालिकाना हक़ का निर्धारण सिर्फ सिविल न्यायालय ही कर सकता है—राजस्व-अधिकारियों को ऐसा कोई क्षेत्राधिकार प्राप्त नहीं है।
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Referred Decisions
Bhimabai Mahadeo Kambekar v/s Arthur Import & Export Co., (2019) 3 SCC 191
Prahlad Pradhan v/s Sonu Kumhar, (2019) 10 SCC 259
Ajit Kaur v/s Darshan Singh, (2019) 13 SCC 70

