
अभियुक्त को परिवादी के बयान दर्ज किए जाने से पूर्व नोटिस जारी करना—भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) के अधीन अनुमन्य नहीं—प्रस्तावित अभियुक्त को धारा 223(1) के परन्तुक के तहत जो नोटिस जारी किया जाता है उसके साथ परिवाद, परिवादी का शपथ पर बयान तथा यदि कोई हों तो गवाहों के बयान संलग्न होना अनिवार्य है—यह सुनिश्चित करता है कि अभियुक्त को संज्ञान ग्रहण किए जाने से पूर्व वास्तविक रूप से सुनवाई का अवसर प्राप्त हो—परिवादी एवं गवाहों के बयान दर्ज किए बिना ही नोटिस जारी किया जाना धारा 223 की अनिवार्य प्रक्रिया का उल्लंघन है।
