Shirgul Filling Station v/s Kamal Sharma..Crl. Appeal No.- 262 of 2010

परक्राम्य लिखित अधिनियम, 1881—धारा 138—चैक का अनादरण—दोषमुक्ति का आदेश—व्यक्तिगत स्वामी द्वारा शिकायत—प्रवर्तनीयता—जहाँ शिकायत व्यक्तिगत रूप से व्यक्ति के नाम से दायर की गई हो न कि प्रोपराइटर फर्म के नाम से एवं यह संतोषजनक रूप से सिद्ध नहीं किया गया हो कि परिवादी उस प्रोपराइटर फर्म का एकल स्वामी है, ऐसी स्थिति में परिवादी को अधिनियम, 1881 की धारा 138 के अंतर्गत ‘धनादेशी’ (Payee) नहीं माना जा सकता—न्यायालय ने उचित रूप से शिकायत खारिज की—अपील खारिज की जाती है।

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