
धारा 245(1) व धारा 245(2), दं०प्र०सं०—उन्मोचन प्रार्थना-पत्र—धारा 244, दं०प्र०सं० के तहत दर्ज साक्ष्य पर्याप्त ना होने की स्थिति में मजिस्ट्रेट द्वारा धारा 245(1) के अन्तर्गत आरोपी को उन्मोचित किया जा सकता है—जबकि धारा 245(2) की विधिक योजना पूर्णतः भिन्न है—धारा 245(2) के अंतर्गत प्रयुक्त शब्दावली “मुकद्दमे के किसी पूर्वतर प्रक्रम पर” के अनुसार मजिस्ट्रेट द्वारा धारा 244, दं०प्र०सं० के साक्ष्य दर्ज होने से पूर्व, यहाँ तक कि धारा 200 से धारा 204, दं०प्र०सं० की स्टेज पर भी आरोपी को उन्मोचित किया जा सकता है।
