धारा 451, दं०प्र०सं०—संपत्ति (सुपरदारी) का विमोचन—एक निजी डॉक्टर किराए के मकान में सरकारी डॉक्टर की निगरानी में क्लिनिक का संचालन कर रहा है—विवेचना अधिकारी द्वारा मकान को सील कर दिया गया—विचारण न्यायालय यह समझने में असमर्थ है कि संपत्ति का सूचीकरण के बाद सील हटाने से साक्ष्य पर कैसे प्रभाव पड़ेगा—विचारण न्यायालय को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय सुंदरभाई अम्बालाल देसाई बनाम गुजरात राज्य, 2003 AIR (SC) 683 का पालन करने का निर्देश—न्यायिक मजिस्ट्रेट को धारा 451 दं०प्र०सं० को पढ़ने और समझने का निर्देश दिया जाता है—यदि फिर भी न्यायाधीश को स्पष्टता की आवश्यकता है, तो जिला न्यायाधीश के माध्यम से रजिस्ट्रार जनरल से अनुरोध किया जाए ताकि उन्हें न्यायिक प्रशिक्षण और शोध संस्थान में पुनः प्रशिक्षण हेतु भेजा जा सके।

