प्रथम सूचना रिपोर्ट उस स्थान पर दर्ज करवाई गई जहाँ पर पति के घरवालों ने कभी भी निवास नहीं किया बल्कि पक्षकारों का सिर्फ विवाह हुआ था—प्रथम सूचना रिपोर्ट करने में एक वर्ष का विलम्ब—दहेज की माँग के मौखिक आरोपों के अतिरिक्त कोई और साक्ष्य नहीं—पारिवारिक विवादों में पत्नी कभी-कभी प्रथम सूचना रिपोर्ट तब दर्ज करवाती है जब उसे पति द्वारा परिवार न्यायालय में दायर किसी मुक़द्दमे के सम्मन प्राप्त होते हैं—आजकल पति और उसके परिवार वालों के खिलाफ दहेज के 5 मुकद्दमों के पैकेज का प्रचलन अधिक है—न्याय की रक्षा के लिए धारा 482 CrPC के अंतर्गत उच्च न्यायालय वैवाहिक विवाद में पति के रिश्तेदारों का उत्पीड़न रोकने के लिए अपनी शक्ति का उपयोग कर सकता है—इसलिए, प्रथम सूचना रिपोर्ट तथा चार्ज-शीट अपास्त की जाती है—दाण्डिक याचिका स्वीकार।

