Uncategorized

BNSS मे 24 घंटे से संबंधित प्रावधान…

BNSS मे 24 घंटे से संबंधित प्रावधान। ▪️धारा 58 गिरफ्तार किये गए व्यक्ति का 24 घंटे से अधिक निरूद्ध न रखना। ▪️धारा 78 का परंतुक – गिरफ्तार किये गए व्यक्ति को 24 घंटे के अंदर नयायालय के समक्ष लाया जायेगा (यात्रा के समय को छोड़कर) ▪️धारा 170(2) यदि किसी व्यक्ति को संज्ञेय अपराध करने से […]

BNSS मे 24 घंटे से संबंधित प्रावधान… Read More »

Subash v/s State Of West Bengal.. NI Act, 1881…

चेक बाउंस—कंपनी द्वारा अपराध—कंपनी को पक्षकार नहीं बनाया गया और केवल निदेशक को पक्षकार बनाया गया—कंपनी को कोई डिमांड नोटिस नहीं दिया गया और कंपनी को शिकायत में अभियुक्त नहीं बनाया गया—हालांकि, कंपनी को शिकायत में संशोधन करके पक्षकार बनाया जा सकता है—लेकिन डिमांड नोटिस एन.आई. एक्ट के तहत अभियोजन के लिए अनिवार्य शर्त है,

Subash v/s State Of West Bengal.. NI Act, 1881… Read More »

DINESH GOYAL @ PAPPU V/S SUMAN AGARWAL (BINDAL), 2024 Referring to Life Insurance Corporation of India v. Sanjeev Builders Pvt. Ltd. & Anr 2022 and other precedents, culled out certain principles : (b) The amendment does not raise a time-barred claim, resulting in the divesting of the other side of a valuable accrued right (in

Read More »

Sushil kumar Jain v/s State of U.P.

धारा 143-ए, पराक्रम्य लिखित अधिनियम, के अंतर्गत अन्तरिम-प्रतिकर का प्रार्थना-पत्र धारा 251,दं०प्र०सं० के अंतर्गत आरोपी के बयान दर्ज किए जाने से पूर्व दायर नहीं किया जा सकता—आरोपी द्वारा बेल लेते समय उसे बेल दिए जाने की शर्त के रूप में 20% धनराशि जमा करने के लिए नहीं कहा जा सकता है।

Sushil kumar Jain v/s State of U.P. Read More »

एस विजिकुमारी बनाम मोवनेश्वराचारी सी..Domestic Violence Act देश की हर महिला पर लागू होता है: सुप्रीम कोर्ट…

Domestic Violence Act देश की हर महिला पर लागू होता है: सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 (Domestic Violence Act) भारत में हर महिला पर लागू होता है, चाहे उसकी धार्मिक संबद्धता कुछ भी हो। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने

एस विजिकुमारी बनाम मोवनेश्वराचारी सी..Domestic Violence Act देश की हर महिला पर लागू होता है: सुप्रीम कोर्ट… Read More »

सुषमा बनाम नितिन गणपति रंगोले और अन्य, सिविल अपील नंबर 10648/2024…

मोटर दुर्घटना दावे – चालक की लापरवाही को वाहन के यात्रियों पर आरोपित नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट .. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सड़क दुर्घटना में मरने वाले मृतक के कानूनी उत्तराधिकारियों को इस आधार पर उनके उचित मुआवजे से वंचित नहीं किया जा सकता कि कार के चालक ने दुर्घटना में योगदान

सुषमा बनाम नितिन गणपति रंगोले और अन्य, सिविल अपील नंबर 10648/2024… Read More »