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What is limitation period for filing of execution of compromise decree of S 138 of N I Act case?…

What is limitation period for filing of execution of compromise decree of S 138 of N I Act case?Introduction Section 138 of the Negotiable Instruments Act, 1881 (NI Act) is a widely used legal provision to address the offence of dishonour of cheques. Often, parties involved in such cases opt for a compromise or settlement, […]

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भारत में दीवानी मुकदमों की सुनवाई को समझना: इमोजी के साथ चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका…

⚖️भारत में दीवानी मुकदमों की सुनवाई को समझना: इमोजी के साथ चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका दीवानी मुकदमे संपत्ति अनुबंधों, हरजाने और पारिवारिक मामलों से जुड़े विवादों का निपटारा करते हैं। यह प्रक्रिया सुनिर्धारित चरणों के माध्यम से निष्पक्षता सुनिश्चित करती है। दीवानी मुकदमे की चरणबद्ध प्रक्रिया 2. वादपत्र की न्यायालय जाँचन्यायालय वादपत्र की पूर्णता और क्षेत्राधिकार संबंधी

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Landmark Judgment Delhi High court Strengthens Protection For Senior Citizens…

⚖️ऐतिहासिक निर्णय: दिल्ली उच्च न्यायालय ने वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को मज़बूत किया दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा एलपीए 587/2025 (श्रीमती वरिंदर कौर बनाम श्रीमती दलजीत कौर एवं अन्य) में 26 सितंबर, 2025 को दिए गए हालिया फैसले ने माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 के सुरक्षा कवच को मज़बूत किया है।

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Sajid Chaudhary vs. State of U.P.: अब सिर्फ सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट डालना अपराध नहीं माना जाएगा।…

⚖️ इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला ⚖️ 👉 अब सिर्फ सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट डालना अपराध नहीं माना जाएगा।कोर्ट ने कहा —👉 Case title – Sajid Chaudhary vs. State of U.P.👉पाकिस्तान के समर्थन में की गई सोशल मीडिया पोस्ट पर ‘भारत की संप्रभुता को खतरे में डालने’ का अपराध नहीं चलेगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट👉

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Adding Legal Representatives in Pending Civil Suit…

⚖️कानूनी जागरूकता लेख 👥लंबित दीवानी मुकदमे में कानूनी प्रतिनिधियों को जोड़ना 🔹परिचय जब किसी दीवानी मुकदमे के पक्षकार की मृत्यु हो जाती है, तो कार्यवाही स्वतः समाप्त नहीं हो जाती। सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (CPC) के आदेश XXII के अंतर्गत कानूनी प्रतिनिधियों (LRs) को रिकॉर्ड पर लाने की विधि प्रदान की गई है ताकि मामला

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Landmark Ruling: Delhi High Court Upholds Equal Property Rights in Marriage…

⚖️ऐतिहासिक फैसला: दिल्ली उच्च न्यायालय ने वैवाहिक जीवन में समान संपत्ति अधिकारों को बरकरार रखा दिल्ली उच्च न्यायालय ने संयुक्त वैवाहिक संपत्तियों में समान स्वामित्व अधिकारों को सुदृढ़ करने वाला एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जो परिवारों और कानूनी पेशेवरों, दोनों के लिए एक समयोचित अनुस्मारक है। 📜केस अवलोकन: 🔹दंपति ने 1999 में विवाह किया,

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Legal News…

चीफ जस्टिस पर जूता उछालने वाले वकील के खिलाफ कड़ा एक्शन — बार काउंसिल ने उठाया बड़ा कदम | ⚖️ मुख्य खबर: देश की न्यायपालिका में उस समय सनसनी फैल गई जब एक वकील ने अदालत की कार्यवाही के दौरान माननीय चीफ जस्टिस पर जूता उछाल दिया।यह घटना अदालत की मर्यादा और न्यायिक अनुशासन पर

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Applications & Time Limits Under CPC…

⌛सीपीसी के तहत सीमा – मुकदमेबाजी में एक खामोश बदलाव मुकदमेबाजी में, कानून का ज्ञान तर्कों को आकार देता है, लेकिन सीमा का ज्ञान सफलता निर्धारित करता है। 1️⃣ निष्पादन याचिकाएँ – 12 वर्ष की सबसे लंबी सीमा अवधि (अनुच्छेद 136) का आनंद लें। 2️⃣ आवेदन – समीक्षा, बहाली, एकपक्षीय डिक्री को रद्द करना, प्रतिस्थापन,

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