P.C. Hari v/s Shine Varghese..Crl.Rev. No.- 408/2024…Kerala High Court.
20,000/- रु० से अधिक की नकद ऋण राशि, जो आयकर अधिनियम की धारा 269SS का उल्लंघन करते हुए दी गई हो, उसकी वापसी हेतु जारी किया गया चेक परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत “विधिक रूप से देय ऋण या दायित्व” की श्रेणी में नहीं आता—जब उक्त लेन-देन के संबंध में शिकायतकर्ता द्वारा […]
P.C. Hari v/s Shine Varghese..Crl.Rev. No.- 408/2024…Kerala High Court. Read More »
