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Pallavi v. Union of India & Ors.. Writ Petition (Civil) No(s). 642 of 2023

THE SUPREME COURT OF INDIA Pallavi v. Union of India & Ors Writ Petition (Civil) No(s). 642 of 2023 DATE OF DECISION:- 01-09-2023 HEADNOTE WITH FULL TEXT JUDGMENT MEDICAL EDUCATION Citizenship Act, 1955 Sections 7A to 7D – Admission – Post Graduate medical seat – Rejection of candidature – Change of status from foreign national […]

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ZUNAID Vs. STATE OF U.P. AND OTHERS — Respondent.. Criminal Appeal Nos. 2628-2629 of 2023; (@ SLP(Crl.) Nos. 8506-8507 of 2022)

THE SUPREME COURT OF INDIA ZUNAID Vs. STATE OF U.P. AND OTHERS — Respondent Criminal Appeal Nos. 2628-2629 of 2023; (@ SLP(Crl.) Nos. 8506-8507 of 2022) DATE OF DECISION:- 29-08-2023 HEADNOTE WITH FULL TEXT JUDGMENT Criminal Procedure Code, 1973 (CrPC) – Section 173 and 190 – Protest Petition – Rights of Complainant – Taking Cognizance

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केस टाइटल- श्रद्धा @ जन्नत और अन्य बनाम यूपी राज्य और 5 अन्य [WRIT – C No. – 23672/2023]…

𝕝𝕖𝕘𝕒𝕝 𝕦𝕡𝕕𝕒𝕥𝕖 यूपी ‘धर्मांतरण विरोधी’ कानून का कोई अनुपालन नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ‘विवाहित’ अंतर-धार्मिक जोड़े की सुरक्षा याचिका खारिज की यूपी धर्मांतरण विरोधी कानून का कोई अनुपालन नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विवाहित अंतर-धार्मिक जोड़े की सुरक्षा याचिका खारिज की इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को अंतर-धार्मिक जोड़े (जो दूर के ममेरे भाई-बहन हैं) द्वारा दायर

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मैसर्स न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, कडपा वर्सेस रोज़ मैरी कलावती.. मोटर दुर्घटना – ड्राइवर के पास वैध लाइसेंस न होने पर भी बीमाकर्ता थर्ड पार्टी को मुआवजा देगा, वाहन मालिक से वसूली कर सकता है: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट

मोटर दुर्घटना – ड्राइवर के पास वैध लाइसेंस न होने पर भी बीमाकर्ता थर्ड पार्टी को मुआवजा देगा, वाहन मालिक से वसूली कर सकता है: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ⚫ आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने दोहराया है कि एक बीमा कंपनी मोटर वाहन दुर्घटना में थर्ड पार्टी के दावे को संतुष्ट करने के लिए उत्तरदायी है, भले

मैसर्स न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, कडपा वर्सेस रोज़ मैरी कलावती.. मोटर दुर्घटना – ड्राइवर के पास वैध लाइसेंस न होने पर भी बीमाकर्ता थर्ड पार्टी को मुआवजा देगा, वाहन मालिक से वसूली कर सकता है: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट Read More »

केस टाइटल: ए एस मल्लिकार्जुनस्वामी, और राज्य सूचना आयुक्त और अन्य।.. कर्मचारी सर्विस लिटिगेशन के लिए आरटीआई एक्ट के तहत सहकर्मी के सर्विस रिकॉर्ड की मांग कर सकता है: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्मचारी सर्विस लिटिगेशन के लिए आरटीआई एक्ट के तहत सहकर्मी के सर्विस रिकॉर्ड की मांग कर सकता है: कर्नाटक हाईकोर्ट 🔘 कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सूचना आयुक्त द्वारा पारित वह आदेश रद्द कर दिया है, जिसमें कॉलेज प्रोफेसर द्वारा अपने सहकर्मी के सर्विस रिकॉर्ड विवरण की मांग करने वाला आवेदन खारिज कर दिया गया था।

केस टाइटल: ए एस मल्लिकार्जुनस्वामी, और राज्य सूचना आयुक्त और अन्य।.. कर्मचारी सर्विस लिटिगेशन के लिए आरटीआई एक्ट के तहत सहकर्मी के सर्विस रिकॉर्ड की मांग कर सकता है: कर्नाटक हाईकोर्ट Read More »

RAJO vs STATE OF BIHAR WPCRL 252/23 25/08/23 [ Ravindra JJ ]..

• Section 432 CRPC Remission of sentence Overemphasis on the presiding judge’s opinion and complete disregard of comments of other authorities, while arriving at its conclusion, would render the appropriate government’s decision on a remission application, unsustainable Discretion that the executive is empowered with in executing a sentence, would be denuded of its content, if

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Abhishek Vs. State of Madhya Pradesh.. [Criminal Appeal No. 1457 of 2015].. [Criminal Appeal No. 1456 of 2015]

Abhishek Vs. State of Madhya Pradesh [Criminal Appeal No. 1457 of 2015] [Criminal Appeal No. 1456 of 2015] Sanjay Kumar, J 1. Bhawna, the second respondent in Criminal Appeal No. 1456 of 2015, married Nimish Gour in the year 2007. He, however, secured a decree of divorce on 05.09.2019 dissolving their marriage. Bhawna preferred First

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केस टाइटल: एम. सलाहुद्दीन अयूब बनाम तेलंगाना राज्य.. क्या कोई दोषी आरटीआई के तहत केस डायरी की कॉपी मांग सकता है? तेलंगाना हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा…

LEGAL UPDATE क्या कोई दोषी आरटीआई के तहत केस डायरी की कॉपी मांग सकता है? तेलंगाना हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा ⚫ तेलंगाना हाईकोर्ट ने इस सवाल का जवाब देने के लिए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है कि क्या कोई दोषी व्यक्ति सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत केस डायरी भाग- I की

केस टाइटल: एम. सलाहुद्दीन अयूब बनाम तेलंगाना राज्य.. क्या कोई दोषी आरटीआई के तहत केस डायरी की कॉपी मांग सकता है? तेलंगाना हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा… Read More »